September 23, 2026

प्रथम विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरवान सिंह नेगी की जयंती पर गढ़वाल में भावपूर्ण स्मरण

प्रथम विश्व युद्ध के महान वीर, भारत के पहले विक्टोरिया क्रॉस विजेता Darwan Singh Negi की 136वीं जयंती पर उन्हें पूरे क्षेत्र में श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर लोगों ने उनके अदम्य साहस, त्याग और देश सेवा को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रथम विश्व युद्ध में अद्वितीय वीरता का परिचय देने वाले गढ़वाल के वीर सपूत Darwan Singh Negi का जन्म 4 मार्च को हुआ था। उन्हें 23 नवम्बर 1914 को युद्ध के दौरान असाधारण शौर्य के लिए ब्रिटेन के सम्राट George V द्वारा विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया था।
बताया जाता है कि 5 दिसंबर 1914 को उन्होंने ब्रिटेन में ही प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए गढ़वाली सैनिकों की स्मृति में हरिद्वार–कर्णप्रयाग वार मेमोरियल रेल लाइन निर्माण और कर्णप्रयाग में वार मेमोरियल अंग्रेजी मिडिल स्कूल की स्थापना की मांग रखी थी, जिसे उसी दिन स्वीकार कर लिया गया।
इसके बाद 26 अक्टूबर 1918 को कर्णप्रयाग में वार मेमोरियल अंग्रेजी मिडिल स्कूल का उद्घाटन तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर Joseph Clay द्वारा किया गया। वहीं 1919 से 1924 के बीच हरिद्वार–कर्णप्रयाग रेल लाइन का सर्वे भी पूरा किया गया। इन दोनों योजनाओं को क्षेत्र में शिक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
आज वर्षों बाद ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि यह ऐतिहासिक सपना जल्द साकार होगा। लोगों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस रेल परियोजना का नाम वार मेमोरियल रेल लाइन रखा जाए तथा कर्णप्रयाग, श्रीनगर और ऋषिकेश रेलवे स्टेशनों का नाम वीसी दरवान सिंह नेगी और अन्य वीर सैनिकों के नाम पर किया जाए।
इसके अलावा कर्णप्रयाग स्थित वार मेमोरियल राजकीय इंटर कॉलेज में वीसी दरवान सिंह नेगी की आदमकद प्रतिमा, ऑडिटोरियम और संग्रहालय बनाने की भी मांग उठाई गई है। साथ ही उनके पैतृक गांव कफारतीर में सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि वीर सैनिकों के शौर्य और त्याग की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। वीसी दरवान सिंह नेगी की वीरता और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वीसी दरवान सिंह नेगी के साहस और बलिदान के कारण आज पूरे गढ़वाल क्षेत्र को शिक्षा और विकास के नए अवसर मिले हैं। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

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