November 5, 2026

कृषीत्तर क्षेत्र विकास के माध्यम से ग्रामीण भौगोलिक संकेत थीम पर क्षेत्रीय सलाहकार समिति (RAC) वर्ष 2023-24 की प्रथम बैठक का आयोजन

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देहरादून:कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक दिनांक 21 अगस्त 2023 को आहूत हुई। बैठक में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, उत्तराखंड जैविक वस्तु बोर्ड, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, उत्तराखंड उद्योग संघ के वरिष्ठ अधिकारियों, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक तथा राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों, भारतीय ग्रामोत्थान संस्था व बुनकर संघ स्वायत सहकारिता के प्रतिनिधियों एवं नाबार्ड के सहयोग से राज्य में हुए 06 जीआई उत्पादों से संबन्धित प्रतिनिधियों ने पिथौरागढ़ से ऑनलाइन मोड से भाग लिया

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए नाबार्ड देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबन्धक (सीजीएम) विनोद कुमार बिष्ट ने रोजगार सृजन में गैर-कृषि क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नाबार्ड गैर-कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं में सहयोग करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वस्तुओं के भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 का जिक्र किया एवं दार्जिलिंग चाय का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न उत्पादों के महत्व, पहचान, विपणन, प्रकार में जीआई एक्ट ने योगदान दिया है और इसके परिणामस्वरूप ऐसे सभी उत्पादों की लोकप्रियता और बिक्री में वृद्धि हुई है।

बैठक में जीआई पंजीकरण के विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. रजनीकान्त, भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े एवं उन्होंने विभिन्न उत्पादों के जीआई पंजीकरण करने की प्रक्रिया का विस्तृत रूप से वर्णन किया।

बैठक में उत्तराखंड जैविक वस्तु बोर्ड के प्रबंध निदेशक श्री विनय कुमार ने जैविक वस्तु बोर्ड द्वारा उत्तराखंड राज्य में 11 उत्पादों के लिए की जा रही जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया से अवगत कराया एवं बोर्ड द्वारा निकट भविष्य में अधिकतम उत्पादों को जीआई पंजीकरण करने के लिए बोर्ड की प्राथमिकता के बारे में सदन को सूचित किया ताकि अधिकतम लोग जीआई पंजीकरण के पश्चात उत्पादों की बिक्री से लाभान्वित हो सके।

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