अपनी ही सरकार पर तंज कस गए राज्यमंत्री रमेश गड़िया, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की थपथपाई पीठ
अपनी ही सरकार पर तंज कस गए राज्यमंत्री रमेश गड़िया, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की थपथपाई पीठ
कर्णप्रयाग। विकासखंड कर्णप्रयाग के फलोटा गांव निवासी अमर शहीद सूरज सिंह तोपाल के दसवें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे उत्तराखंड सरकार के दर्जाधारी राज्यमंत्री रमेश गड़िया के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी। कार्यक्रम में उन्होंने सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलन कर रही संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी ‘मुन्ना भाई’ सहित आंदोलनकारियों की खुलकर सराहना की।
राज्यमंत्री रमेश गड़िया ने कहा कि क्षेत्र की देवतुल्य जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और अच्छे डॉक्टर उपलब्ध होने चाहिए। छोटे-छोटे उपचार के लिए लोगों को देहरादून और ऋषिकेश की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए देवेंद्र सिंह नेगी ‘मुन्ना भाई’ के नेतृत्व में संघर्ष समिति द्वारा किया जा रहा आंदोलन सराहनीय है।
इतना ही नहीं, उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज नैनीसैंण में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयासरत पीटीए अध्यक्ष राकेश नेगी की भी प्रशंसा की।
हालांकि, राज्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक सवाल भी उठने लगे हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार है और रमेश गड़िया स्वयं सरकार में दर्जाधारी राज्यमंत्री हैं। ऐसे में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए आम जनता और स्थानीय लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब सरकार के प्रतिनिधि स्वयं इन आंदोलनों की सराहना कर रहे हैं, तो फिर इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
राज्यमंत्री का बयान कहीं न कहीं सरकार के सामने क्षेत्र की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी चुनौतियों को भी उजागर करता नजर आया। अब देखना होगा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।
