चमोली के पौणी गांव में किसान की मेहनत पर भारी पड़े जंगली सुअर, प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
राज्य सरकार द्वारा किसानों व काश्तकारों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे कृषि व उद्यानिकी के क्षेत्र में लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवर किसानों की मेहनत पर भारी पड़ रहे हैं। खासकर जंगली सुअरों का आतंक किसानों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है।
ताजा मामला चमोली जनपद के विकासखंड पोखरी के पौणी गांव का है, जहां काश्तकार जीत सिंह राणा की लगभग 450 वर्गमीटर भूमि में लगी लिलियम की फसल को जंगली सुअरों ने एक ही रात में पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस घटना में किसान को तीन लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
पीड़ित काश्तकार जीत सिंह राणा का कहना है कि उन्होंने उद्यान विभाग से सब्सिडी पर लिलियम के बीज लेकर खेती की थी, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद थी। लेकिन जंगली सुअरों ने पूरी फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने उद्यान विभाग और वन विभाग से मदद की मांग की है, ताकि वे अपनी आजीविका को फिर से संवार सकें।
जीत सिंह राणा, काश्तकार
वहीं, ग्राम पंचायत पौणी द्वारा किसान को हुए नुकसान की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। ग्राम प्रधान का कहना है कि राज्य सरकार को पीड़ित किसान को उचित मुआवजा देना चाहिए, जिससे अन्य किसान भी खेती के लिए प्रोत्साहित हो सकें।
शक्ति सिंह, ग्राम प्रधान पौणी
किसान की फसल को हुए नुकसान का संज्ञान जिलाधिकारी चमोली द्वारा लिया गया है। जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग और वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि जिलाधिकारी का पत्र प्राप्त हो चुका है और संयुक्त निरीक्षण के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नवल किशोर नेगी, वन क्षेत्राधिकारी, नागनाथ रेंज
