August 13, 2026

परंपरागत ज्ञान प्रणाली और सतत विकास पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का गोपेश्वर में आगाज

 

गोपेश्वर प्रौद्योगिकी संस्थान में “इंडिजिनियस नॉलेज एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” थीम पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आज भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन में देश–विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि 200 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुति हेतु प्राप्त हुए हैं।

यह कॉन्फ्रेंस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर, जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। सेमिनार का उद्घाटन डॉ. रणजीत कुमार सिन्हा, सचिव तकनीकी एवं उच्च शिक्षा द्वारा किया गया।

 

उद्घाटन सत्र में पर्यावरणविद पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, प्रो. नरेंद्र देशमुख, प्रो. सुरेश पांडे, राजेश वी. पाटिल, प्रो. विमोलन मुद्ले और संध्या ठाकुर ने अपने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने परंपरागत ज्ञान प्रणाली को सतत विकास, नीति निर्माण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम विकास में उपयोगी बताया।

सेमिनार में सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों—तकनीकी क्रांति, औषधीय पौधे, पोषण और कीटनाशक प्रयोग—पर शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने गहन चर्चा की। सभी शोधपत्रों का वाचन विभिन्न समांतर सत्रों में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया जाएगा।

सचिव तकनीकी एवं उच्च शिक्षा डॉ. रणजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि यह सेमिनार उत्तराखंड, विशेषकर चमोली जनपद के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि स्थानीय परंपरागत ज्ञान प्रणाली और शोध से निकले निष्कर्ष प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनेंगे तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए मूल्यवान विरासत सिद्ध होंगे।

यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थानीय एवं वैश्विक शोधकर्ताओं को एक साझा मंच देकर सतत विकास के प्रभावकारी समाधानों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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