August 20, 2026

17-18 दिसंबर को प्रसिद्व अनसूया मेले का होगा आयोजन 

चमोली। दत्तात्रेय जंयती के अवसर पर जनपद के अनसूया मंदिर में हर साल मनाये जाने वाला प्रसिद्व अनसूया मेला इस बार 17 व 18 दिसंबर को आयोजित किया जायेगा।अनसूया मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह राणा ने बताया कि बीते साल यह मेला कोरोना संक्रमण की वजह से शूक्ष्म रूप से आयोजित हुआ था,लेकिन इस बार अनसूया मेला भव्य तरीके से आयोजित होगा। 17 दिसंबर को मेले के उद्घाटन के बाद देव डोलियों अनसूया मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी रात्रि के समय देव डोलियों की पूजा अर्चना के बाद बरोहियो को मंदिर में बैठाया जायेगा।रात्रि के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा।

वही अनसूया माता के मुख्य पुजारी आचार्य डा0 प्रदीप सेमवाल ने बताया कि अनसूया माता मंदिर में आयोजित होने वाला यह मेला बहुत प्राचीन मेला है।अनसूया माता पुत्र दायनी माता के रूप् में विश्वविख्यात हैं।यू तो यहां सालभर निःसंतान यहां संतान का वरदान प्राप्त करते हैं, लेकिन माता अनसूया के पुत्र माने जाने वाले दत्तात्रेय जंयती के अवसर पर इसका विशेष महत्व है।अनसूया माता अभी तक असंख्य निःसंतानों को संतान दे चुकी है।जिसके प्रत्यक्ष प्रमाण है।

आपको बता दे कि, सती सिरोमणि माता अनसूया का मंदिर चमोली जनपद के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से मंडण गांव से लगभग 5 किलोमीटर उपर अनसूया गांव में स्थित है।जहां माता अनसूया का भब्य व पौराणिक मंदिर स्थित है।साथ ही ढेड किलोमीटर की दूरी पर दिब्य अमृतकुड और अत्रिमुनि की पौराणिक गुफा है। अनसूया माता मंदिर व अत्रिमुनि आश्रम व अमृत धारा उत्तराखंड समेत देश व दुनियां कें श्रृद्वालुओं व पर्यटकों के लिए तीर्थाटन व पर्यटन का केन्द्र बिन्दु बना हुआ है।

 

भानु प्रकाश नेगी

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