October 24, 2026

जनस्वास्थ्य सम्मेलन का शुभारंभ, मेडिकल कॉलेज को मिली सौगात

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श्रीनगर गढ़वाल स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन की उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड राज्य शाखा के 29वें वार्षिक सम्मेलन-2026 का शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। सम्मेलन में जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य नीतियों को लेकर विशेषज्ञों ने मंथन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से उत्तराखंड में सेवाएं देने का आह्वान किया। वहीं, मेडिकल कॉलेज में ट्रांजिट हॉस्टल और स्किल लैब का लोकार्पण करने के साथ आठ टाइप-5 आवासों का शिलान्यास भी किया गया।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए इस तरह के सम्मेलन महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों के शोध, अनुभव और सुझाव प्रभावी स्वास्थ्य नीतियां बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मददगार साबित होते हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से पहुंचे चिकित्सकों से उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं देने की अपील की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने के लिए 50 प्रतिशत तक हिल्स अलाउंस दे रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती जरूरी है। उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों के उपचार के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बेस चिकित्सालय परिसर में 245.54 लाख रुपये की लागत से निर्मित 15 सीटर ट्रांजिट हॉस्टल और 150 लाख रुपये की लागत से स्थापित स्किल लैब के उपकरणों एवं मैनिकिन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 947.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आठ टाइप-5 आवासों का शिलान्यास किया।

मंत्री ने मेडिकल कॉलेज की चौरास आवासीय कॉलोनी की मरम्मत कराने और जीवीके की जमीन पर खेल मैदान विकसित करने का कार्य जल्द शुरू कराने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया गया।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा के विकास और जनस्वास्थ्य संबंधी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सीएमएस रावत ने जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए शोध आधारित प्रयासों पर जोर दिया।

सम्मेलन में जनस्वास्थ्य और सामुदायिक चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। प्रो. वीएन मिश्रा ओरेशन अवार्ड डॉ. सीएमएस रावत, प्रोफेसर देवकी नंदन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रोफेसर सुरेश चंदिया और प्रो. बीजी प्रसाद ओरेशन अवार्ड-2026 प्रोफेसर सीएम सिंह को प्रदान किया गया। इसके अलावा आईएपीएसएम की राज्य शाखा की फेलोशिप के लिए भी चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।

सम्मेलन के शुभारंभ पर नंदानगर से पहुंचे हरीश भारती के दल ने ढोल, दमाऊ, मशकबीन और रणसिंघा की पारंपरिक धुनों से अतिथियों का स्वागत किया। लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कलाकारों की सराहना की। सम्मेलन में देशभर से पहुंचे जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया।

जनस्वास्थ्य की चुनौतियों पर विशेषज्ञों का मंथन और मेडिकल कॉलेज में नई सुविधाओं की शुरुआत पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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