October 20, 2026

चमोली के चमेठी गांव से शुरू हुई मां चंडिका की देवरा यात्रा, 80 से अधिक गांवों के श्रद्धालु होंगे शामिल

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उत्तराखंड को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता। यहां देवी-देवताओं के प्रति लोगों की अटूट आस्था और सदियों पुरानी धार्मिक परंपराएं आज भी जीवंत हैं। इसी आस्था का अनूठा उदाहरण चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड के चमेठी गांव में देखने को मिल रहा है, जहां मां चंडिका की देवरा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा को 251 वर्षों बाद आयोजित किए जाने की बात कही जा रही है। यात्रा में 80 से अधिक गांवों के श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। मां चंडिका की डोली विभिन्न गांवों का भ्रमण कर भक्तों को आशीर्वाद देगी। इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जा रही है।

मां चंडिका की देवरा यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का माहौल है। यात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों का कहना है कि सदियों पुरानी इस धार्मिक परंपरा का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। श्रद्धालु मां चंडिका से समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे
मयंक पंत, श्रद्धालु।
वहीं, आयोजन समिति के अध्यक्ष जगदीश सिंह रावत ने बताया कि मां चंडिका की देवरा यात्रा का शुभारंभ पोखरी विकासखंड के चमेठी गांव से किया जा रहा है। इस धार्मिक यात्रा में क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों की सहभागिता है। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि के साथ-साथ पूरे देश की खुशहाली और समृद्धि की कामना करना है। कई महीनों तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान मां चंडिका की डोली विभिन्न गांवों में पहुंचेगी और श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
जगदीश सिंह रावत, अध्यक्ष, आयोजन
इस देवरा यात्रा का संचालन धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार किया जा रहा है। यात्रा में मुख्य पुजारी, जिन्हें ब्रह्मगुरु कहा जाता है, की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य पुजारी दीपक कुंवर के अनुसार, यह क्षेत्र नागवंशीय परंपराओं से जुड़ा रहा है और मां चंडिका को नागपुर क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। देवरा यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु अपनी आराध्य देवी के प्रति आस्था प्रकट करते हैं। कई महीनों तक चलने वाली यह यात्रा विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगी, जहां भक्त माता की पूजा-अर्चना कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करेंगे।
दीपक कुंवर, मुख्य पुजारी (ब्रह्मगुरु)

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