September 16, 2026

रुद्रप्रयाग के तीन निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में सौंपने की आशंका, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप

रुद्रप्रयाग के तीन निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में सौंपने की आशंका, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप

रुद्रप्रयाग। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले के लोक निर्माण विभाग के महत्वपूर्ण निरीक्षण भवन दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी को भी सरकार जल्द ही निजी हाथों में सौंप सकती है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से प्रदेश की हजारों बीघा सरकारी जमीन और संपत्तियों को 90 वर्ष तक की लीज पर निजी संस्थाओं को देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। पार्टी के अनुसार, इसी क्रम में नैनीताल के पटुवा डांगर की करीब 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम रिजॉर्ट, हरिद्वार के अलकनंदा होटल तथा ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन को पीपीपी मोड पर विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की इस नीति के विरोध और जनता को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए प्रदेशभर में जिला स्तर पर प्रेस वार्ताएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित निरीक्षण भवन सड़क संपर्क और अन्य सुविधाओं से सुसज्जित हैं। केदार घाटी में सीमित भूमि उपलब्ध होने के कारण इन संपत्तियों को कांग्रेस ने क्षेत्र की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।

कांग्रेस ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब तक UIIDB को सरकारी विभागों की करीब 1,200 एकड़ यानी छह हजार बीघा से अधिक भूमि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जबकि कई हजार बीघा भूमि के प्रस्ताव अभी अनुमति के लिए लंबित हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अब तक जारी निविदाओं की शर्तों से सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में देने की सरकार की नीति स्पष्ट होती है।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों तथा पर्यटन विभाग की कुछ संपत्तियों को भी लीज पर निजी हाथों में देने का सैद्धांतिक निर्णय ले चुकी है। कांग्रेस के मुताबिक वर्ष 2022 में कैबिनेट ने राज्य की जमीनों और संपत्तियों को UIIDB के माध्यम से निजी क्षेत्र को देने के संबंध में मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था।

कांग्रेस ने मसूरी के हाथीपांव स्थित पार्क एस्टेट का भी उल्लेख किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में करीब 142 एकड़ भूमि को 15 वर्ष के लिए निजी कंपनी को एक करोड़ रुपये वार्षिक लीज पर दिया गया, जबकि कांग्रेस ने इस भूमि का बाजार मूल्य करीब 30 हजार करोड़ रुपये बताया।

इसके साथ ही कांग्रेस ने वर्ष 2018 में तत्कालीन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में भू-कानून में किए गए बदलाव और बाद में औद्योगिक, होटल एवं शिक्षण संस्थानों के लिए खरीदी गई भूमि के उपयोग से जुड़े नियमों में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की निजी जमीनों के बाद अब सरकार की नजर महत्वपूर्ण सरकारी जमीनों और संपत्तियों पर है।

कांग्रेस ने कहा कि पार्टी सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। रुद्रप्रयाग में जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों पर रक्षा सूत्र बांधकर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। पार्टी नेताओं ने कहा कि केदार भूमि की इन संपत्तियों को निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा।

प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रवक्ता नरेंद्र बिष्ट, नगर पालिका अगस्त्यमुनि के राजेंद्र गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री दीपा देवी आर्य, प्रदेश सचिव कुंवर सजवाण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश गुसाईं, महावीर चौधरी, विनोद राणा, बलदेव नेगी, कार्यालय प्रभारी मनोहर रावत, अंकुर रौथाण, देवेश्वरी देवी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र लाल, जिला महामंत्री भारत भूषण कठैत, जिला महामंत्री विजयपाल राणा और संजय चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नोट: जमीनों के बाजार मूल्य, सरकारी स्वीकृतियों, लीज की शर्तों और UIIDB से संबंधित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित सरकारी दस्तावेजों से किया जाना आवश्यक है। यह खबर कांग्रेस द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों और किए गए दावों पर आधारित है।

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