January 14, 2026

नागनाथ पोखरी पीजी कॉलेज में हिन्दी दिवस व हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल निर्वाण दिवस पर गोष्ठी

 

चमोली,(पोखरी)
हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नागनाथ पोखरी (चमोली) में हिन्दी दिवस एवं हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल निर्वाण दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन धूमधाम से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार जुयाल, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. जुयाल ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है, जो हमारी संस्कृति और पहचान से जुड़ी है। उन्होंने छात्रों से व्यापक दृष्टिकोण अपनाने और हिन्दी के साथ अन्य भाषाओं से भी ज्ञान अर्जित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. कीर्ति गिल ने हिन्दी की संवैधानिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को राजभाषा का दर्जा मिला और संविधान के अनुच्छेद 343 से 351 तक इससे संबंधित प्रावधान किए गए हैं।

वहीं डॉ. रामानंद ने हिन्दी की राजनीतिक स्थिति और आज़ादी के आंदोलन में इसके योगदान पर विचार व्यक्त किए।
डॉ. शशि चौहान ने हिन्दी को संस्कृति, पहचान और परंपरा से जोड़ने वाली भाषा बताया।
मानवेन्द्र असवाल ने मातृभाषा में सीखने की प्रक्रिया को छात्रों के लिए अधिक प्रभावी बताया।

छात्रा दीपा सती (एमए तृतीय सेमेस्टर) ने हिन्दी भाषा के विकास और शब्दकोश की विशेषताओं पर अपने विचार साझा किए।
वहीं खुशी रावत, कली, लक्ष्मी सयाल समेत कई छात्र-छात्राओं ने हिन्दी कविताओं का सस्वर वाचन कर वातावरण को साहित्यिक रंग से भर दिया।

कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. कीर्ति गिल, डॉ. रामानंद, डॉ. शशि चौहान, कर्मचारी मानवेन्द्र असवाल सहित छात्र-छात्राएँ कुन्ती, शिवानी चमोला, कशिश, मुन्नी, सानिया, कोमल, आदित्य सिंह, कृष राणा आदि मौजूद रहे।

 

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