March 4, 2024

आजादी के 76 वी वर्षगांठ की तैयारियों में जुटी दुम्फूधार/ गमशाली नीती घाटी

 इस वर्ष दुम्फूधार/गमशाली,नीती घाटी जोशीमठ मे 15 अगस्त/स्वतंत्रता दिवस की तैयारी जोरों पर चल रही है. हर गॉव के ग्रामीणों चाहे महिला हो पुरुष हो या बच्चे सभी जोश खरोश से स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी में लगे हुए हैं। ऐसा नही है कि यह पर्व इसी वर्ष मनाया जा रहा है।दुम्फूधार मे ये पर्व आजादी के वर्ष 1947 से मनाया जाता आ रहा है।पहले संशाधनों की कमी के कारण छोटे स्तर पर मनाया जाता था लेकिन समय के अनुसार यह पर्व अब बहुत बड़े स्तर पर मनाया जाता है।गमशाली गॉव के स्थानीय निवासी व पूर्व अध्यापक आलम सिंह चौहान का कहना है कि 15 अगस्त 1947 मे जब भारत आजाद हुआ और आजादी की खबर गॉव वालो ने रेडियो के माध्यम से सुना तो ग्रामीणों ने उसी समय खुशी मनाते हुए गांव में मिठाइयां बांटी और एक दूसरे को गले लगाते हुए खुशी से नाच गाना करने लगे।और कुछ लोग जो आज जीवित नही है उस समय दुम्फुधार से जोर जोर से चिल्लाने लगे औऱ गॉव वालो को आजादी की खबर सुनाने लग गए। श्री चौहान जी का कहना ये भी है कि आजादी के कुछ वर्ष तक इस पर्व को ग्रामीण आपस में मिलजुल कर मनाने लगे लेकिन समय परिवर्तन के साथ सबसे पहले इस पर्व को मनाने के लिए 7 जुलाई 1955 मे एक बैठक किया गया जिसमें सर्व सहमत से एक कमेटी बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष स्व0 पान सिंह बम्पाल  को बनाया गया उनके साथ सचिव स्व0 केदार सिंह पाल को नियुक्त किया गया औऱ कुछ लोगो को सदस्य बनाये गए जिसमे स्व0 बाला सिंह पाल,नैन सिंह फोनिया,उमराव सिंह फरकिया,नारायण सिंह सयाना कैलाशपुर,कुंदन सिंह रावत मलारी,सुपिया सिंह रावत कोषा, नारायण सिंह परमार माणा आदि शामिल थे।

कहा जाता है कि दिल्ली की 26 जनवरी और दुम्फूधार के 15 अगस्त अपने मे खास मायना रखतीं हैं। धीरे धीरे समयानुसार कमेटी को पंजीकृत किया गया और वर्तमान मे लम्बे कालखण्ड से पर्वोंत्सव विकास समिति दुम्फूधार/गमशाली,नीति घाटी यह पावन आयोजन को आयोजित करती आ रही है इस वर्ष घाटी मे इस महान पर्व को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है आज 11अगस्त 2023 से यहां पर विभिन्न प्रकार की खेल कूद प्रतियोगिता कमेटी द्वारा शुरू करके15 अगस्त 2023 का शंखनाद बौली बॉल मैच 6th GRD एवं ITBP के बीच होने वाले रोचक मुकाबले से होने जा रहा है।
गाँवों में ग्रामवासियों मे जबर्दस्त उत्साह की भावना है 15 अगस्त के दिन दुम्फुधार मे अपनी सुंदर प्रस्तुति के लिए ग्रामीणों द्वारा सुंदर झांकियां,पौणा नृत्य,झुमैलो एवं लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की अभी से तैयारी बड़े जोश खरोश के साथ चल रहीं हैं।यहां पर इस आयोजन मे छ: ग्राम सभाएं प्रतिभाग करते हैं जिसमे गमशाली बाम्पा,फरकिया गांव,कैलाशपूर और मेहरगांव /गुरगुटी शामिल होते हैं।
य़ह आयोजन समिति एवं ग्राम वासियों द्वारा आपसी सहयोग एवं एकजुटता द्वारा आज तक सफलता पूर्वक सम्पन्न किया जाता रहा है। हालांकि इन्हें बार बार वित्तीय संकट से जुझना पड़ता है,मगर यहां के लोगों का देश के प्रति ज़ज्बा इस संकट को गौण कर देता है, शायद इसीलिए यहां के निवासियों को रक्षा के द्वितीय पंक्ति के पहरेदारों के नाम से संबोधित किया जाता है l
वर्तमान मे समिति के अध्यक्ष श्री विजय सिंह रावत एवं कार्यकारिणी इस ओर गम्भीर हैं कि समिति के कार्य क्षेत्र को विस्तार देते हुए सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा जाय समिति ने इस हेतु एवं 15 अगस्त के सफल आयोजन के लिए ज़न सम्पर्क किया इसमें लोगो द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रियायें प्राप्त हुई समिति इस ओर गहन विचार मन्थन कर रहीं है।
कमेटी द्वारा 15 अगस्त 2017 को इस पर्व के दिन मुख्य अतिथि तत्कालीन उत्तराखण्ड के मुख्य मंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी को बुलाया गया था लेकिन मौसम खराब होने के कारण नही पहुँच पाए माननीय मुख्यमंत्री ने अपने प्रतिनिधि के रूप में कैबनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत व स्थानीय विधायक श्री महेंद्र भट्ट जी को भेजा और उस दिन कैबनेट मंत्री धन सिंह रावत ने इस पर्व को मेले के रूप में मनाए जाने पर इसको राजकीय मेला घोषित किया।

पुष्कर सिंह राणा
हिमवंत प्रदेश न्यूज
नीति-माणा घाटी/जोशीमठ

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