February 4, 2023

हंस फाउंडेशन एवं सीमांत चेतना मंच पूर्वोत्तर के तत्वावधान में गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में सीमांत क्रीडा  महोत्सव-2023 का रंगारंग शुभारंभ

हंस फाउंडेशन एवं सीमांत चेतना मंच पूर्वोत्तर के तत्वावधान में गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में सीमांत क्रीडा  महोत्सव-2023 का रंगारंग शुभारंभ असम के गुवाहाटी में स्थित सरुसजाई स्टेडियम में  हंस फाउंडेशन के सौजन्य एवं सीमांत चेतना मंच पूर्वोत्तर के तत्वावधान में 3 दिवसीय सीमांत क्रिड़ा महोत्सव-2023 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। इस शुभ अवसर पर सीमांत चेतना मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक प्रदीपन जी,आरएसएस सह क्षेत्र प्रचारक बशिष्ठ बुजरबरुआ,कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल,एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनिंदर सिंह,डायरेक्टर एनआईआरडी एवं पंचायती राज आर मुरुगेसन एवं कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत कर असम का नाम रोशन करने वाली एथलीट एवं डीएसपी नयनमोनी सैकिया सहित बड़ी संख्या में असम के अलग-अलग क्षेत्रों से आए खिलाड़ी शामिल हुए।
गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित होने वाले सीमांत क्रीड़ा महोत्सव-2023 रंगारंग शुभारंभ के मौके पर असम के सीमांत क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने अलग-अलग पोशाकों में भारत के सांस्कृतिक परिवेश की झांकी दिखाते हुए मार्च पास्ट किया। इसी के साथ इस 3 दिवसीय सीमांत क्रीड़ा महोत्सव-2023 का आगाज हो गया। इस खेल महोत्सव लेकर खिलाडियों के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसी महोत्सव में भाग लेने के लिए असम के सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले खिलाड़ी बड़ी संख्या में गुवाहाटी पहुंचे है।
हंस फाउंडेशन के सौजन्य एवं सीमांत चेतना मंच पूर्वोत्तर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस खेल महाकुंभ सीमांत क्रीड़ा महोत्सव के शुभारंभ पर मंचासीन अतिथियों का सीमांत चेतना मंच पूर्वोत्तर ने असमिया गमछा पहनाकर स्वागत किया गया।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचारक बशिष्ठ बुजरबरुआ उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा की आज गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में इस भव्य खेल महाकुंभ के आयोजन ने देश के इस सीमांत क्षेत्र में खेलों की नई परिभाषा गढ़ दी है। जिसमें हंस फाउंडेशन की भूमिका सराहनीय है। इसके लिए मैं पूज्य माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी का आभार व्यक्त करता हूं। जिनके आशीष से इस खेल महाकुंभ को नयी दिशा मिल रही है।
इस मौके पर हंस फाउंडेशन के सेक्शन हेड विकास वर्मा ने क्रीड़ा महोत्सव में उपस्थित अतिथियों एवं खिलाड़ियों का हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी की ओर से अभिनंदन करते हुए कहा कि हम हंस फाउंडेशन परिवार की ओर से इस खेल महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे असम के कोने-कोने से शामिल हुए आप सभी खिलाड़ियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते है।
उन्होंने कहा कि हंस फाउंडेशन परिवार के लिए यह बहुत ही सम्मान की बात हैं कि उत्तर पूर्वी भारत की इस धरती पर हमें सेवा के कार्य करने का शुभअवसर प्राप्त हुआ है,फिर चाहे वह पिछले वर्षों में यहां पर आयोजित सामूहिक विवाह संस्कार का कार्य हो या फिर शिक्षा-स्वास्थ्य और खेल की दिशा में निरंतर किए जा रहे कार्य। श्री वर्मा ने कहा कि पूज्य माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी का प्रयास रहता हैं कि उनकी सेवाओं का आशीष उन लोगों तक पहुंचे जो सही मायने में जरूरतमंद है। इसी सोच के साथ असम में भी सेवा के कार्य किए जा रहे है
उन्होंने कहा आज अवसर सीमांत क्रीड़ा महोत्सव का है मैं देख रहा हूं इस खेल कुंभ में असम के दूर दराज के क्षेत्रों से विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करने के लिए बड़ी संख्या में खिलाड़ी आए है। आप सब अपने लक्ष्य को हासिल करें। उन्होंने कहा खेल व जीवन एक-दूसरे के पर्याय है। जीवन में खेल का बहुत महत्व है। खेल में हार-जीत होती है पर हार हमें एक नई सीख देती है। जीतने के लक्ष्य को प्राप्त करने का संदेश देती है।
सीमांत चेतना मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक प्रदीपन जी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात हैं कि हम इतने बड़े स्तर पर इस खेल महाकुंभ का आयोजन कर पा रहे है। इसमें आप सभी प्रतिभागियों की दिन-रात की मेहनत और हंस फाउंडेशन का बड़ा सहयोग है। इसके लिए हम पूज्य माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते है।
प्रदीपन जी ने कहा कि माताश्री मंगला जी और श्री भोले जी महाराज का धेय रहता हैं कि स्वास्थ्य-शिक्षा और खेल के मामले में देश की प्रगति हो,भारत स्वस्थ भारत हो,शिक्षित भारत हो,साथ ही खेलों के मैदान में भी प्रथम पंक्ति में खड़ा हो,जिसके लिए आप हंस फाउंडेशन के माध्यम से निरंतर प्रयासरत है। इस क्रम में हमें भी निरंतर हंस फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। इसके लिए हम आभारी है।
आपको बता है कि हंस फाउंडेशन उत्तराखंड सहित देश के 27 राज्यों में शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर तमाम दूसरे क्षेत्रों में सेवाएं दे रहा है। इस क्रम में हंस फाउंडेसन की सेवाओं का विस्तार निरंतर देश के सीमांत क्षेत्रों में बसे राज्यों में भी हो रहा है। जिसमें असम,अरुणाचल प्रदेश,मणिपुर और नागालैण्ड में प्रमुख तौर पर सेवाओं के केंद्र में है।

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