August 8, 2026

आरएसएस पदाधिकारियों की फ़र्ज़ी सूची वायरल करने के मामले में मुक़दमा दर्ज।

 

उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से उनके कथित रिश्तेदारों की नौकरी लगाने अफ़वाहों के ख़िलाफ़ आरएसएस के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और DGP से भेंट कर जाँच की माँग की है। आरएसएस के पदाधिकारियों ने इस बाबत ज्ञापन में संगठन की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन में मुक़दमा दर्ज कर लिया है।

आरएसएस के प्रांत कार्यवाहक दिनेश सेमवाल ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में लिखा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक श्री युद्धवीर जी व संगठन को बदनाम व अपमानित करने की नीयत व मशा में शीर्षक “युद्धवीर यादव प्रान्त प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तराखंड, देहरादून द्वारा अपने रिश्तेदारों को उत्तराखंड में वर्ष 2017 में 2022 के बीच अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग कर सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का संक्षिम विवरण निम्नलिखित प्रकार में है.” से एक फर्जी असत्य एवं भ्रामक सूची बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की गई। इस सूची में कुछ लोगों के नाम लिखकर उन्हें प्रान्त प्रचारक थी युद्धवीर जी का रिश्तेदार व नातेदार बताया गया है और उन्हें सरकारी नौकरी लगाया जाना बताया गया है। जबकि वह सूची पूर्ण रूप से फर्जी असत्य व कूटरचित है तथा वे लोग उल्लेखित स्थान पर ना तो कार्यरत है व ना ही उनका किसी प्रकार का सम्पर्क व सम्बन्ध प्रान्त प्रचारक जी के साथ है।

इधर इस मामले में पुलिस ने उक्त प्रकरण पर साईबर पुलिस स्टेशन में धारा 501/505 आईपीसी व 66 सी आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया है।

इधर पुलिस मुख्यालय ने एक संदेश जारी कर लिखा है सोशल मीडिया पर कुछ लोगो द्वारा फेक न्यूज और फर्जी आईडी द्वारा भ्रामक खबरे प्रसारित की जा रही है,ऐसे लोगो को चिन्हित कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी और किसी भी ऐसे अपराधियो को बक्शा नही जायेगा जो लोक शांति और कानून का उलंघन करेंगे।

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