August 6, 2026

अगस्यमुनी में संविधा कर्मचारी की आत्महत्या के बाद प्रशासन में हडकंप,क्षेत्र में शोक की लहर

रूद्रप्रयागःप्रदेश में अधिकारी किस प्रकार से निचले और संविधा कर्मचारियों का शोषण व उत्पीड़न कर रहे है, इसका एक नमुना रूद्रप्रयाग जनपद के नगर पंचायत अगस्यमुनी में देखने को मिला। जहां बीते दिन संविदा पर कार्यरत युवा कर्मचारी हर्षवर्धन सिंह रावत 35 ने अगस्यमुनी बाजार के समीप नगर कूड़ा स्टोर में रस्सी का फंदा बना कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।मृतक हर्षवर्धन के पास से मिल सुसाईट नोट में साफ तौर पर लिखा है कि, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बीरेन्द्र पंवार, अध्यक्षा अरूणा बेंजवाल अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्तमुनी व इनके पति रमेश बेंजवाल ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया है। सुसाईट नोट में यह भी लिखा गया है कि उपरोक्त सभी लोगों के द्वारा मृतक हर्षवर्धन सिंह रावत का मानसिक उत्पीडन व शोषण किया जा रहा था। इसलिए वह आत्महत्या कर रहे है।
नगर पंचायत अगस्तमुनी में संविधा कर्मचारी हर्षवधन मूल रूप से कर्णसिल गंाव (उच्छाडुंग्गी) के दलीप सिंह रावत का पुत्र था। जो अभी सिर्फ 35 साल का था।मृतक के चचेरे भाई प्रदीप रावत ने बताया कि हर्षवर्धन बहुत ही खुशदिल इंसान था सभी लोगों से मिलजुल कर रहना ब सौम्य व्यवहार उसका स्वभाव था।  घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।वह अपने पीछे दो छोटे लड़के पत्नी, बूडे़ मॉ,बाप को छोड़कर इस दुनियां से चले गये है। पांच बहिनों में अकेला भाई होने के कारण हर्षवर्धन पर परिवार के पालन पोषण की खास जिम्मेदारी थी।लेकिन अधिकारियों व नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्तमुनी के दबाव व मानसिक प्रताड़ना के कारण हर्षवर्धन को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। सूत्रों की माने तो नगर पंचायत अध्यक्षा व अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत समेत कई लोग भ्रष्टाचार में लिप्त है। जिनसे क्षेत्र की पूरी जनता काफी परेसान रहती है।
पीड़ित के परिजनों ने मामले की स्पष्ठ जांच व इंसाफ की मांग की है। फिलहाल पुलिस प्रसासन मामले की जांच में जुटी है। लेकिन देखने वाली बात यह होगी की दोषियों को सख्त सजा हो पाती है या नहीं।

Spread the love

सोशल मीडिया वायरल

error: Content is protected !!