श्रीनगर को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर शहर बनाने के संकल्प के साथ विकास कार्यों को गति देने में जुटीं महापौर आरती भंडारी
### श्रीनगर को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर शहर बनाने के संकल्प के साथ विकास कार्यों को गति देने में जुटीं महापौर आरती भंडारी
शहर की स्वच्छता, सुंदरता, बेहतर जनसुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता, नागरिकों की सहभागिता से श्रीनगर को आदर्श शहर बनाने का लक्ष्य।
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर को स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने के संकल्प के साथ नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी लगातार विकास कार्यों को गति देने में जुटी हैं। उनका उद्देश्य केवल शहर की सुंदरता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ वातावरण, बेहतर जनसुविधाएं और स्वस्थ जीवनशैली के अनुकूल शहरी परिवेश उपलब्ध कराना भी है।
महापौर आरती भंडारी का मानना है कि किसी भी शहर की पहचान वहां की स्वच्छता, सुंदरता, नागरिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं से होती है। इसी सोच के अनुरूप नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने, कूड़ा निस्तारण को व्यवस्थित करने, सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने श्रीनगर को एक आदर्श नगर बनाने की परिकल्पना की है, जहां स्वच्छ सड़कें, सुंदर सार्वजनिक स्थल, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, व्यवस्थित बाजार, हरियाली से आच्छादित स्थान और नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो। इसके लिए नगर निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महापौर ने शहर की प्राथमिकताओं में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने, नालियों की नियमित सफाई, कूड़े का उचित निस्तारण, प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने, पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के साथ ही शहर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही श्रीनगर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक शहरी स्वरूप प्रदान करने की दिशा में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महापौर आरती भंडारी ने शहरवासियों से भी अपील की है कि श्रीनगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, दुकान और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो निश्चित रूप से शहर में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।
उनका कहना है कि नगर निगम का उद्देश्य जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना और शहर के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देना है। जनसमस्याओं का समाधान, नागरिकों से संवाद और शहर की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ाना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महापौर आरती भंडारी का संकल्प है कि श्रीनगर केवल नगर निगम क्षेत्र तक सीमित पहचान न रखे, बल्कि स्वच्छता, सुंदरता, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर जनसुविधाओं और नागरिक सहभागिता के मामले में उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणादायक आदर्श शहर के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित करे।
