भालू और गुलदार के आतंक के खिलाफ आंदोलन
चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में भालू और गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में आए दिन हिंसक वन्यजीवों के हमलों से ग्रामीणों के मवेशियों को नुकसान पहुंच रहा है। लगातार हो रही पशुहानि से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब वन विभाग और शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता धीरेंद्र राणा की अध्यक्षता में सोमवार को पोखरी तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना शुरू कर दिया गया। इस दौरान तहसीलदार पोखरी के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि पोखरी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भालू और गुलदार की सक्रियता लगातार बनी हुई है। हिंसक वन्यजीव कई मवेशियों को अपना निवाला बना चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। इसके बावजूद वन विभाग और शासन-प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है ।
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि क्षेत्र में सक्रिय हिंसक वन्यजीवों को आदमखोर घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन्हें मारने के आदेश जारी किए जाएं। साथ ही वन अधिनियम में आवश्यक संशोधन कर मानव जीवन और पशुधन की सुरक्षा के लिए सरकार ठोस नीति बनाए, ताकि ग्रामीणों को लगातार वन्यजीवों के आतंक के बीच जीवन यापन न करना पड़े।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक क्रमिक धरना जारी रहेगा।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता धीरेंद्र राणा, किमोठा के ग्राम प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, एडवोकेट श्रवण सती, तरुण बिष्ट, नंदन राणा, महावीर सिंह बसखंडी और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र नेगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
