बंगथल गांव में भालू का आतंक, एक बैल की मौत और दो मवेशी घायल।
दो गोशालाओं के दरवाजे तोड़कर भालू ने किया हमला, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया सड़क पर जाम।
पोखरी (चमोली)। पोखरी विकासखंड के बंगथल गांव में भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात भालू ने दो अलग-अलग गोशालाओं के दरवाजे तोड़कर मवेशियों पर हमला कर दिया। हमले में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रही घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, बीती रात भालू ने भगत लाल पुत्र पुष्कर लाल की गोशाला का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मवेशियों पर हमला कर दिया। इस दौरान एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा बैल गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, दूसरी घटना में भालू ने सुरेंद्र सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह की गोशाला का दरवाजा तोड़कर एक गाय को घायल कर दिया।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बंगथल गांव में सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार भालू की सक्रियता बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों और उनके मवेशियों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक डीएफओ, रेंजर सहित वन विभाग के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करते, तब तक सड़क जाम नहीं खोला जाएगा।
सूचना पर केदारनाथ वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं, वन दरोगा आनंद सिंह रावत और गोपाल सिंह रमोला मौके पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने तथा क्षेत्र में ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार भालू के हमलों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
इस दौरान ग्राम प्रधान ज्योति देवी, पूर्व प्रधान ललित मिश्रा, भगत लाल, सुरेंद्र नेगी, मिलन मिश्रा, विवेक भारती, मुकेश लाल, कन्हैया प्रसाद भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष सावित्री देवी, कुंवरी देवी, कुसुमलता देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
