.हिमवंत कवि चन्द्रकुवंर बर्त्वाल मेले के पांचवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, प्रगतिशील काश्तकार सम्मानित
पोखरी मेले के पांचवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, प्रगतिशील काश्तकार सम्मानित
रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, ग्राफिक एरा की ओर से स्वास्थ्य शिविर में 100 से अधिक लोगों की जांच
पोखरी। चमोली जनपद के पोखरी में आयोजित कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल खादी, पर्यटन एवं किसान विकास मेले के पांचवें दिन विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालयों और महिला मंगल दलों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, प्रगतिशील काश्तकारों को सम्मानित करने के साथ ही रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया।
पंचम दिवस के कार्यक्रमों का शुभारंभ सेवा इंटरनेशनल की समन्वयक लता बर्त्वाल, देवेंद्र सिंह रावत और भगवती प्रसाद चमोला ने फीता काटकर किया। इस दौरान विकासखंड पोखरी के प्रगतिशील काश्तकारों को उद्यान मेला समिति की ओर से सम्मानित किया गया। उद्यान सचल दल पोखरी ने काश्तकारों को सब्जियों के बीज और प्रशस्ति पत्र वितरित किए।
प्रगतिशील काश्तकार देवेंद्र नेगी, नौली और देवेंद्र सिंह राणा, नैल ने उद्यान विभाग की ओर से समय-समय पर दिए जा रहे मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना की। देवेंद्र नेगी ने कहा कि उद्यानिकी से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। वहीं, देवेंद्र सिंह राणा ने उद्यानिकी के साथ नैल क्षेत्र में एस-फलौरी कल्चर के उत्पादन की जानकारी दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया सामाजिक संदेश
मेले में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्विंठी के विद्यार्थियों ने समाज में बढ़ते शराब के प्रचलन और उसके दुष्प्रभावों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे के प्रति जागरूकता का संदेश दिया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। राजकीय इंटर कॉलेज थालाबैंड और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुजासू के विद्यार्थियों ने भी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
इसके अलावा महिला मंगल दल संगूड़, चमेठी और पोखरी के साथ सेवा इंटरनेशनल पोखरी की ओर से भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रमों में स्थानीय संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
मेले के पांचवें दिन विद्यालयी विद्यार्थियों के लिए रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। रंगोली प्रतियोगिता जूनियर और सीनियर वर्ग में हुई।
रंगोली के जूनियर वर्ग में जूनियर हाईस्कूल विनायकधार-पोखरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पोखरी प्रथम रहा। जूनियर वर्ग में शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पोखरी द्वितीय और सीनियर वर्ग में टैगोर इंटरमीडिएट कॉलेज विनायकधार-पोखरी द्वितीय स्थान पर रहा। वहीं, सीनियर वर्ग में शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पोखरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
चित्रकला प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पोखरी की आराध्या प्रथम, टैगोर चिल्ड्रन एकेडमी विनायकधार-पोखरी के आदर्श द्वितीय और शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पोखरी की दिव्यांशी तृतीय स्थान पर रहीं।
सीनियर वर्ग में एवीएम पोखरी के प्रदीप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय इंटर कॉलेज रडुवा की अक्षिता और प्राची संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि राजकीय इंटर कॉलेज देवीखेत की प्राची और निधि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्नातक वर्ग में पीजी कॉलेज नागनाथ-पोखरी के अमन ने प्रथम और गौरव ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का फाइनल आज
मेले में राज्य के 13 जनपदों की 15 बालक-बालिका टीमों की वॉलीबॉल प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जोशीमठ, पीपलकोटी और गोपेश्वर सहित विभिन्न क्षेत्रों से खिलाड़ी पोखरी पहुंच रहे हैं। प्रतियोगिता का फाइनल 26 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।
ग्राफिक एरा ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
मेले के अवसर पर ग्राफिक एरा, देहरादून की ओर से रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 100 से अधिक लोगों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य जांच कराई। इसमें आंखों की जांच, सामान्य रोगों की जांच, रक्त शर्करा, रक्तचाप और महिलाओं से संबंधित स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
शिविर में फिजिशियन डॉ. जसमेर सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राजश्री ठाकुर, डॉ. हृदयेश सहित फार्मासिस्ट भारत भूषण, लैब टेक्नीशियन आशीष नेगी और हैप्पी भट्ट तथा समन्वयक भूपेंद्र सिंह समेत अन्य सहयोगी मौजूद रहे।
मेले के पांचवें दिन आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से जहां किसानों को प्रोत्साहित किया गया, वहीं विद्यार्थियों की प्रतिभा, महिला समूहों की सांस्कृतिक भागीदारी और ग्रामीणों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिला।
