सीमल्ट गांव में आधी रात को भारी भूस्खलन, गोशाला ढही; घरों तक पहुंचीं जमीन की दरारें

सीमल्ट गांव में आधी रात को भारी भूस्खलन, गोशाला ढही
गदेरे में मलबा आने से पानी रुका, घरों तक पहुंचीं दरारें; दहशत में रातभर जागते रहे ग्रामीण
चमोली
नंदासैंण। विकासखंड कर्णप्रयाग के सीमल्ट गांव में सोमवार देर रात करीब दो बजे भारी भूस्खलन होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर गदेरे में जा गिरे, जिससे पानी का बहाव बाधित हो गया। पानी जमा होने से मौके पर करीब 100 मीटर क्षेत्र में तालाब जैसी स्थिति बन गई है। इससे निचले हिस्से में रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ गया है।

भूस्खलन की चपेट में आने से गांव निवासी मुन्ना लाल की गोशाला पूरी तरह ढह गई। मुन्ना लाल ने बताया कि भूस्खलन के बाद जमीन में पड़ी दरारें उनके घर तक पहुंच गई हैं। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें घर छोड़कर दूसरे ग्रामीण के यहां शरण लेनी पड़ी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर अपने परिवार और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।


ग्रामीणों के अनुसार सोमवार रात करीब आठ बजे से ही क्षेत्र में पत्थर और मलबा गिरने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। भटोली गांव निवासी मगन लाल ने बताया कि उन्होंने आसपास के ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद लोग सतर्क हो गए। कई ग्रामीण अपने पशुओं को गोशालाओं से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले गए और ऊपरी हिस्से में स्थित घरों में चले गए।
ग्रामीण रीना देवी ने बताया कि घटना के बाद से लोग भयभीत हैं और कई परिवार दूसरे ग्रामीणों के घरों में शरण लिए हुए हैं। वहीं पुष्पा देवी ने बताया कि भूस्खलन के खतरे के चलते ग्रामीण पूरी रात जागते रहे।
ग्रामीण रीना देवी, मनोज कुमार, महेशी देवी और अशोक कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गदेरे में पानी जमा होने और जमीन में दरारें बढ़ने से खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
राजस्व की टीम ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह राजस्व उपनिरीक्षक मौके पर पहुंचे और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके की स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की। गदेरे में मलबा आने से पानी रुकने की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
